Poetry

लगता है वो अब भी दीवाने हैं- Chitra Chakrobarthy

हम तो वो गुज़रे ज़मानें हैं।
लगता है वो अब भी दीवाने हैं।

तुम जिधर भी ठहर से जाते थे।
याद आते अब वो ठिकाने हैं।

छुप के तेरा दीदार करते थे।
आखों में तेरी लाखों मयखाने हैं।

मेरे दिल का चैन है तू यार।
राज़ तूने ये अब तक न जाने हैं।

तुझसे जो हम कह न पाये थे।
इज़हारे इश्क़ अब जताने हैं।

इश्क़ में मैं तेरे तड़पा हूँ।
तुमको भी तो वादे निभाने हैं।

तू मेरी बस बन के रह जाये।
खुदा के दर पे ये सर झुकाने हैं।

चित्रा अब ये सोचती है सनम।
फिर से क्यों दिल तुझको दुखाने हैं।

 

-chitra chakrobarthy

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